ठान अपने शतक के शतक का इरादा तू !!

March 30th, 2011 § 3 Comments

दिखा दे अपनी आन तू
बना  ले अपनी सान तू
सजा ले अपनी कृपाण तू
कर ले तिरंगे को सलाम तू !!

खेल जा अपनी अरमान तू
लगा दे अपनी जान तू
दे पटखनी वार तू
साथ है हिंदुस्तान ये जान तू !!

बुलंद कर इरादा तू
कर अपनी कद जादा तू
कर अपनी शतक का वादा तू
ठान अपने शतक के शतक का इरादा तू !!

अमरदीप  गौरव

Dedicated to “God of Cricket” SR Tendulkar best of luck Indian Cricket Team ….

दूर जाना था तो पास क्यों आये …

March 19th, 2011 § 1 Comment

दूर जाना था तो पास क्यों आये
जख्म देना था तो साथ क्यों निभाए
कहानी बनाना  था तो सचाई क्यों बताये
दिल दुखाना तो प्यार क्यों जताए…

एक बार मुस्कुरा कर अपनी इच्छा बता देते
हम जिंदगी के हर छन क़दमों में लुटा देते
दोस्ती की किताब में हर पन्ना आपके नाम छपवा देते
दोस्ती के अलफ़ाज़ सुनहरे अक्षरों में गढ़वा देते…

दिया प्यार का सारे संसार में जला देते
पहेली जिंदगी की सरे आम सुलझा देते
एक बार मुस्कुरा कर अपनी इच्छा बता देते
दोस्ती के मायने हम तहे दिल से निभा देते ….

अमरदीप गौरव

ना जाने कब तक रूठी रहेगी खुशी मेरी …

March 18th, 2011 § Leave a Comment

ना जाने कब तक रूठी रहेगी खुशी मेरी …
ना जाने कब तक झूठी रहेगी हँसी मेरी
ना जाने कब तक बैठी रहेगी जिंदगी मेरी
ना जाने कब तक सुनाती रहेगी कहानी नयी !!

हर छन एक उमीद सी उठती है दिल में..
कभी तो खुशी आएगी मन-प्रांगन में
ललक है इस दिल की किसी की मुहब्बत मिलेगी कभी !!
हसीन सा वो मंजर न जाने कभी आएगा भी की नहीं

अपना तो गुलिस्तां इस जहान में नहीं…
क्या पता उस जहान से बुलावा आएगा की नहीं
परीयों की दुनिया में कहानियां हैं भरी
पर क्या पता उस कहानी में कभी आऊंगा भी की नहीं !!

अमरदीप गौरव

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