मेरी जिंदगी के सूनेपन में आपका यूं आना मुझे अच्छा लगा
April 12th, 2011 § 3 Comments
मेरी जिंदगी के सूनेपन में आपका यूं आना मुझे अच्छा लगा
समय की खामोशियों में आपका यूं कुछ गुनगुनाना मुझे अच्छा लगा
आपकी गुनगुनाहट में यूं मेरा खो जाना मुझे अच्छा लगा
मेरी मुस्कराहट पे आपका यूं शर्माना मुझे अच्छा लगा
हमारी दोस्ती पे यूं आपका इतराना मुझे अच्छा लगा
इस संसार में आपका यूं मिलना मुझे अच्छा लगा
मेरी कामयाबी के पीछे आपका यूं रहना मुझे अच्छा लगा
मेरी गलतियों पर आपका यूं समझाना मुझे अच्छा लगा
फूलों की तरह आपका मेरे गुलिस्तां में यूं महकना मुझे अच्छा लगा
प्यार भरी निगाहों से आपका यूं निहारना मुझे अच्छा लगा
मेरी हर ख्वाहिसो पर आपका यूं धयान रखना मुझे अच्छा लगा
नाविक की तरह आपका मेरी जिंदगी को यूं पार लगाना मुझे अच्छा लगा
आपका मेरी जिंदगी में यूं अहम हिस्सा बन जाना मुझे अच्छा लगा |
अमरदीप गौरव