इंसान हूँ मैं इंसान हूँ
July 9, 2011 4 Comments
पथिक हूँ प्यासा हूँ
पथिक हूँ जिंदगी का
प्यासा हूँ खुशी का
उम्मीद है मंजिल का
कहानी हूँ कविता हूँ
कहानी हूँ किताबों का
कविता हूँ जिंदगी के आयामों का
उम्मीद है पढ़े जाने का
पंक्षी हूँ कंक्षी हूँ
पंक्षी हूँ नीले गगन का
कंक्षी हूँ हरे चमन का
उम्मीद है डटे रहने का
नाव हूँ पतवार हूँ
नाव हूँ उलटी धार का
पतवार हूँ उस नाव का
उम्मीद है पार लगजाने का
कलम हूँ कलाकार हूँ
कलम हूँ उजागर करने का
कलाकार हूँ नया संशार गढ़ने का
उम्मीद है नया संशार बनने का
पथिक हूँ प्यासा हूँ
कहानी हूँ कविता हूँ
पंक्षी हूँ कंक्षी हूँ
नाव हूँ पतवार हूँ
कलम हूँ कलाकार हूँ
हर छन में मैं
अलग अलग अवतार हूँ
इंसान हूँ मैं इंसान हूँ
अपनी कल्पनाओं से अनजान हूँ |
अमरदीप गौरव


tum batao kya ho pathik ho panksi ho ya pyasa ho main to sirf pyasa huin .waise nice poem keep it up dear
Thanku so much ……inshan hoon main insaan hoon….har chaan main alag alag avtaar hoon ….;)
wonderfullllllllll
Thanku